राजस्थान की संस्कृति है भारत की सबसे खूबसूरत संस्कृति1222

जयपुर सीतापुरा स्थित नोवोटेल कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से तीन दिवसीय ज्वेलर्स एसोसिएशन(JAS) शो का शुभारंभ हुआ
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05-07-2025

कार्यक्रम का उद्धघाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एवं (मुख्य अतिथि) टाइटन कंपनी (तनिष्क) के प्रबंध निदेशक सी. के. वेंकटरमण ने दीप प्रज्वलन कर किया l इस अवसर पर प्रमोद डेरेवाला (अध्यक्ष – NGJCI),  योगेन्द्र गर्ग (क्षेत्रीय अध्यक्ष – GJEPC) भी मंच पर उपस्थित रहे ।आयोजन समिति आलोक सोंखिया (अध्यक्ष), अशोक माहेश्वरी (संयोजक, JAS), नीरज लुनावत (मानद सचिव), राजू मंगोडीवाला (उपाध्यक्ष एवं सह-संयोजक), अजय गोधा (संयुक्त सचिव), एवं नरेश अग्रोया (सह-संयोजक, JAS एवं समन्वयक, JEA) — ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर हार्दिक आभार व्यक्त किया।प्रदर्शनी के पहले दिन 5,500 से अधिक विज़िटर्स ने उपस्थिति दर्ज की, जिसमें 450+ होस्टेड बायर्स, 1,500+ प्री-रजिस्टर्ड बायर्स और 2,000+ ट्रेड बायर्स शामिल थे। भारत भर के प्रमुख आभूषण निर्माताओं की भागीदारी के साथ, यह शो एक जीवंत और सफल शुरुआत साबित हुआ।शो में भारतीय जनता पार्टी राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी शिरकत की l उनके आगमन ने उद्योग को और अधिक प्रोत्साहन एवं समर्थन प्रदान किया।मुख्य अतिथि सी. के. वेंकटरमण ने प्रदर्शनी के बदलते स्वरूप और उपभोक्ता प्रवृत्तियों पर इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने JAS को "नवाचार का पुल" बताया जहां पूरी ज्वैलरी इंडस्ट्री एक परिवार की तरह साथ काम करती है। राजू मंगोडीवाला (उपाध्यक्ष एवं सह-संयोजक जस ), ने बताया - सी. के. वेंकटरमण, प्रबंध निदेशक – टाइटन कंपनी (तनिष्क), रत्न और आभूषण उद्योग के एक प्रतिष्ठित टायकून हैं जिनका रत्न एवं आभूषण उद्योग में अपार अनुभव है और उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता से कंपनी को पचास हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री तक पहुंचाया है। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने JAS 2025 को एक नई दिशा और प्रतिष्ठा प्रदान की है।दिया कुमारी  ने JAS द्वारा राजस्थान के पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था में किए गए योगदान की सराहना की और राज्य सरकार की ओर से ऐसे आयोजनों को निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया।JAS 2025 ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक MoU के साथ नई शुरुआत की। ज्वैलर्स असोसिएशन जयपुर और इंडियन-थाई चैंबर ऑफ कॉमर्स (ITCC) के बीच एक समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत और थाईलैंड के बीच रत्न एवं आभूषण व्यापार को बढ़ावा देने, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आपसी सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।दिन का समापन JAS और JYWS के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक जीवंत नेटवर्किंग ईवनिंग के साथ हुआ, जिसमें उद्योग से जुड़े अनेक हितधारकों को संवाद और सहयोग का अवसर प्राप्त हुआ।